अंकुर, अनिकेत, अंकिता और अनंत के केस से समझिए कोरोना की 4 स्टेज और हमें तीसरी स्टेज से क्यों डरना चाहिए?

कोरोना डेस्क.सोशल मीडिया में वायरल मैसेज चल रहे हैं कि देश कि राजस्थान औरकेरल के कुछ क्षेत्रों में कोरोना वायरस तीसरी स्टेज में पहुंच चुका है। उद्योगपति आनंदमहिंद्रा ने जनता कर्फ्यू वाले दिनट्वीट करके कहा किजानकारों के मुताबिक, बहुत हद तक यह संभव है कि भारत कोरोना की तीसरे स्टेज में पहुंच चुका है। अगर ऐसा है तो इससे लाखों लोगों के लिए खतरा बढ़ गया है। इससे हमारामेडिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर चरमरा सकताहै।

अगर आने वाले दिनों में यह वायरल मैसेज सच साबित होता है तो आसान उदाहरणोंसे समझते हैं कि कोरोनावायरस कीये 4 स्टेज क्या होती हैं?

संदर्भ सामग्री:इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च, डब्ल्यूएचओ और दुनियाभर में प्रकाशित एक्सपर्ट्स की रिपोर्ट के आधार पर ।

स्टेज 1: लंदन से कोरोना संक्रमण लेकर भारत आने वाले अंकुर की सांकेतिक तस्वीर।

स्टेज -1 : अंकुर के उदाहरण से समझिए

  • कोरोना के डर के बीचअंकुर लंदन से अपने घर भारत आया। एयरपोर्ट पर उसको बुखार नहीं था। उसको घर जाने दिया गया। पर उससे एयरपोर्ट पर एक शपथ पत्र भरवाया गया कि वह 14 दिन तक अपने घर में कैद रहेगा। और बुखार आदि आने पर इस नम्बर पर संपर्क करेगा।घर जाकर उसने शपथ पत्र की शर्तों का पालन किया।वह घर में कैद रहा। यहां तक कि उसने घर के सदस्यों से भी दूरी बनाए रखी।
  • अंकुरकी मम्मी ने कहा- तुझे कुछ नहीं हुआ। अलग थलग मत रह। इतने दिन बाद घर का खाना मिलेगा तुझे, आजा किचन में... मैं गरम गरम खाना परोस देती हूं।अंकुरने साफमना कर दिया।अगली सुबह मम्मी ने फिर वही बात कही। इस बार अंकुर को गुस्सा आ गया। उसने मम्मी को चिल्ला दिया। मम्मी की आंख में आंसू छलक आए। वेबुरा मान गईं।

अंकुरने सबसे अलग थलग (आइसोलेट) रहना जारीरखा।

  • 6-7वें दिन अंकुर को बुखार सर्दी खांसी जैसे लक्षण आने लगे। उसने हेल्पलाइन पर फोन लगाया। कोरोना टेस्ट किया गया। वह पॉजिटिव निकला।उसके घर वालों का भी टेस्ट किया गया। वह सभी निगेटिव निकले।एक किमी के एरिया में सबसे पूछताछ की गई। सब लोगों का टेस्ट भी किया गया।
  • सबने कहा कि अंकुर को किसी ने घर से बाहर निकलते नही देखा।चूंकि उसने अपने आप को अच्छे से आइसोलेट किया था, इसलिए उसने किसी और को कोरोना नहीं फैलाया। अंकुरकी उम्र कम थी। कोरोना के लक्षण बहुत मामूली थे। बस बुखार, सर्दी, खांसी, बदन दर्द आदि हुआ। 7 दिन के ट्रीटमेंट के बाद वह बिल्कुल ठीक होकर अस्पताल से छुट्टी पाकर घर आ गया।जो मम्मी कल बुरा मान गईं थीं, वो आज शुक्र मना रहीं हैं कि घर भर को कोरोना नहीं हुआ।

निष्कर्ष : यह पहली स्टेज जहां सिर्फ विदेश से आये आदमी में कोरोना है। उसने किसी दूसरे को यह नहीं दिया।


स्टेज 2 को समझने के लिए इटली से भारत आए सेठजी के उदाहरण की सांकेतिक तस्वीर।

स्टेज 2- अनिकेत के उदाहरण से समझिए जो दूसरे की गलती सेकोरोना पॉजिटिव हो गया

  • मुंबईमें रहने वाले अनिकेत को बुखार और खांसी थी।हेल्थ ऑफिसर नेअनिकेत से उसकी पिछले दिनों की सारी जानकारी ली। उस जानकारी से पता चला कि वह विदेश नहीं गया था। पर वह एक ऐसे व्यक्ति के संपर्क में आया है, जो हाल ही में विदेश होकर आया है। वह परसों गहने खरीदने के लिए एक ज्वेलरी शॉपपर गया था। उसके मालिक सेठजी हाल ही मेंइटली घूमकर लौटे थे।
  • सेठजीविदेश से घूमकर आये थे। उनको एयरपोर्ट पर बुखार नहीं था। इसी कारण उनको घर जाने दिया गया। पर उनसे शपथ पत्र भरवा लिया गया, कि वह अगले 14 दिन एकदम अकेले रहेंगे और घर से बाहर नहीं निकलेंगे। घर वालों से भी दूर रहेंगे।
  • लेकिन, कमाई के चक्कर मेंउन्होंनेएयरपोर्ट पर भरे गए उस शपथ पत्र की धज्जियां उड़ाईं।घर में वह सबसे खूब प्रेम से मिले, दूसरों कोछुआ और खुद को भीछूने दिया। शाम को अपनी पसंदीदा सब्जी खाईऔर अगले दिन अपनी ज्वेलरी दुकान पर जा बैठे।
  • 6ठें दिन सेठजी को बुखार आया। उसके घर वालों को भी बुखार आया। घर वालों में बूढ़ी मां भी थी।सबकी जांच हुई। जांच में सब पॉजिटिव निकले।यानीविदेश से आया आदमी खुद पॉजिटिव निकला,फिर उसने घर वालों को भी पॉजिटिव कर दिया।सेठजीदुकान में 450 लोगों के संपर्क में आए,जैसे नौकर चाकर, ग्राहक आदि।
  • उनमें से एक ग्राहक अनिकेत भीथा।
  • अब: सभी 450 लोगों को आइसोलेट करकेचेकअप हो रहा है। अगर उनमें किसी में पॉजिटिव आया तो भी यह सेकंड स्टेज है।
  • डर: यह है कि इन 450 में से हर आदमी न जाने कहां - कहां गया होगा, कितने लोगों से मिला होगा !!!!

निष्कर्ष :कुल मिलाकर स्टेज 2 यानी कि जिस आदमी में कोरोना पॉजिटिव आया है, वह विदेश नहीं गया था। पर वह एक ऐसे व्यक्ति के संपर्कमें आया है,जो हाल ही में विदेश होकर आया है।


स्टेज 3 को समझने के लिए अंकिता के उदाहरण की सांकेतिक तस्वीर।

स्टेज 3: अंकिता के उदाहरण से समझिए जिसे पता ही नहीं चला कि वह संक्रमित कैसे हो गई?

  • अंकिताको सर्दी, खांसी, बुखार की वजह से अस्पताल में भर्ती किया, वहां उसका कोरोना पॉजिटिव आया।पर वह न तो कभी विदेश गई थी। न ही वह किसी ऐसे व्यक्ति के संपर्कमें आईं, जो हाल ही में विदेश होकर आया है।

यानीहमें अब वह स्रोत नहीं पता कि अंकिताको कोरोना आखिर लगा कहांसे??

  • स्टेज 1 में आदमी खुद विदेश से आया था।
  • स्टेज 2 में पता था कि सोर्सकारोबारीहैं। हमने उनके संपर्कमें आए हर आदमी का टेस्ट किया और उनको 14 दिन के लिए अलग थलग कर दिया।
  • स्टेज 3 में आपको कोरोनावायरस को सोर्स हीनहीं पता चलता।

निष्कर्ष :सोर्स नहीं पता तो हम उसे पकड़ नहीं सकते।व्यक्ति को आइसोलेटनहीं कर सकते।वह सोर्स न जाने कहां होगा और अनजाने में ही कितने सारे लोगों को इन्फेक्ट कर देगा।


स्टेज 4 की भयावहता के लिए एक सांकेतिक इलस्ट्रेशन।

स्टेज 4 : अनंत का उदाहरण जो इटली से वीडियो भेजकर समझा रहा है?

  • मान लीजिए दिल्ली का रहने वाला अनंत इटली में फंसा हुआ है। उसने वहां से एक वीडियो भेजकर भारत के लोगों को चेतावनी दी है कि अगर कोरोना के संक्रमण को आप सेकंड या थर्ड स्टेज में नहीं रोकेंगे तो इटली जैसे हालात हो जाएंगे।
  • इटली में वायरस की चौथी स्टेज कम्युनिटी के लेवल से ऊपर मास लेवल पर पहुंच चुकी है। अब न तो साेर्स का पता लगा सकते हैं और न ही महामारी को रोकने का कोई तरीका समझ आता है। इसी वजह से इटली में कहा जा रहा है किबूढ़ों को मरने दो, बच्चों और जवानों को बचा लो।

आप सबसे जरूरी बात कि हमें स्टेज 3 से क्यों डरना चाहिए और समझना चाहिए कि येकैसे पैदा होती है?

  • सेठजी450 लोगों के संपर्क में आये। जैसे ही उनके पॉजिटिव होने की खबर फैली, तो उनके सभी ग्राहक,नौकर, घर के पड़ोसी, दुकान के पड़ोसी, दूध वाला, बर्तन वाली, चाय वाला....सब अस्पताल को दौड़े।सब लोग कुल मिलाकर 440 थे।
  • 10 लोग अभी भी नहीं मिले।पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीम उनको ढूंढ रही है।
  • उन 10 में से अगर कोई किसी मंदिर आदि में घुस गया तब तो यह वायरस खूब फैलेगा।

निष्कर्ष :यही स्टेज 3 है जहां आपको स्रोत नहीं पता।

स्टेज 3 काे रोकने के लिएजनता कर्फ्यू कारगर उपाय है। तस्वीर: सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक की कलाकृति।


स्टेज 3 काे रोकने काउपाय

  • 14 दिन का लॉकडाउन यानी पूरी तरह से तालाबंदी। जनताकर्फ्यू लगा दो।शहर को 14 दिन एकदम लॉकडाउन कर दो।किसी को बाहर न निकलने दो।


इस तालाबंदी से क्या होगा?

  • हर आदमी घर में बंद है। ऐसे में जो आदमी किसी संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में नहीं आया है तो वह सुरक्षित है।जो अज्ञात सोर्स है, वह भी अपने घर में बंद है। जब वह बीमार पड़ेगा, तो वह अस्पताल में पहुंचेगा। इससेपता चल जाएगा कि अज्ञात सोर्स यही है।

निष्कर्ष :हो सकता है कि इस अज्ञात सोर्स ने अपने घर के 4 लोग और संक्रमित कर दिए हैं, पर बाकी का पूरा शहर बच गया।अगर लॉकडाउन नहींहोतातो वह सोर्सपकड़ में नहीं आता और वह ऐसे हजारों लोगों में कोरोना फैला देता। फिर यह हजार अज्ञात लोग लाखों में इसको फैला देते। इसलिए लॉकडाउन से पूरा शहर बच गया और अज्ञात सोर्स पकड़ में आ गया।


22 मार्च को जनता कर्फ्यू की एक तस्वीर जिसमें पुलिसकर्मी लोगों को फूल देकर घर में रहने के लिए समझा रहे हैं।

क्या करें कि स्टेज 2, स्टेज 3 में न बदले?

  • Early लॉकडाउन यानी स्टेज 3 आने से पहले ही तालाबन्दी कर दो। यह लॉकडाउन 14 दिन से कम का होगा।

उदाहरण के लिए-

  • सेठजी एयरपोर्ट से बेखौफनिकले
  • उन्होंने क्वारैंटाइन की धज्जियां उड़ाईं।
  • घर भर को कोरोना दे दिया।
  • सुबह उठकर दुकान खोलने गए।
  • पर, अब चूंकि तालाबंदी है।तो पुलिस वाले सेठजी की तरफ डंडा लेकर दौड़े।डंडा देख सेठजी शटर लटकाकर भागे।

पर अब चूंकि मार्केट भीबंदहै

  • तो 450 ग्राहक भी नहीं आए।सभी बच गए।
  • अनिकेत भी बच गयाऔर बाद में अंकिता भी।
  • बस, सेठजी के परिवार को कोरोना हुआ।

निष्कर्ष : छठें से लेकर 14वें दिन तक कोरोना के लक्षण आ-जा सकते हैं। विदेश से लौटे लोगों में लक्षण आ जाएं तो उनको अस्पताल पहुंचा दिया जाएगा। और नहीं आए तो इसका मतलब वेकोरोना निगेटिव हैं।इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्चके महानिदेशक बलराम भार्गव ने कहा,‘‘कोरोनासंक्रमण रोकने का सबसे अच्छा तरीका पॉजिटिव व्यक्ति को आइसोलेट करना है। 4 दिनों के आइसोलेशन से 80% मरीज ठीक हो सकते हैं। केवल 5% को ही अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत होती है।’’




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