पोस्टर मामले को लेकर यूपी की योगी सरकार पहुंची सुप्रीम कोर्ट, आज होगी सुनवाई

UP government reaches Supreme Court to challenge high court bar on ‘name and shame’ posters | Facebook

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिंसा करने के आरोपियों के पोस्टर लखनऊ में लगाए जाने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। हाईकोर्ट के आदेश को उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार की याचिका पर गुरुवार सुबह 10.30 बजे सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। एडवोकेट जनरल राघवेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नागरिकता कानून के विरोध में प्रदर्शन के दौरान हिंसा के आरोपियों का पोस्टर हटाने का आदेश दिया है। लखनऊ के अलग-अलग चौराहों पर वसूली के लिए 57 कथित प्रदर्शनकारियों के 100 पोस्टर लगाए गए हैं। चीफ जस्टिस गोविंद माथुर और जस्टिस रमेश सिन्हा की बेंच ने अपने आदेश में कहा कि लखनऊ के जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर 16 मार्च तक होर्डिंग्स हटवाएं। कोर्ट ने कहा कि साथ ही इसकी जानकारी रजिस्ट्रार को दें। हाईकोर्ट ने दोनों अधिकारियों को हलफनामा भी दाखिल करने का आदेश दिया है।

बता दें कि नागरिकता संशोधन विधेयक के विरोध के दौरान उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों से हिंसा की खबरें आई थीं, जिनमें निजी और सार्वजनिक संपत्तियों को काफी नुकसान पहुंचा था। पूर्व आईपीएस अधिकारी श्रवण राम दारापुरी, सामाजिक कार्यकर्ता सदफ जाफर, कलाकार दीपक कबीर, वकील मोहम्मद शोएब और ऐसे ही 57 लोगों को लखनऊ हिंसा का जिम्मेदार बताते हुए प्रशासन ने जगह-जगह पोस्टर लगाए हैं। प्रशासन ने इन लोगों से हिंसा के दौरान हुए नुकसान की भरपाई के लिए कहा है।



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